Tuesday, 23 October 2018

हाँ, अगर मैं रावण हूँ तो तुम अपना नाम सोच लो

This is how rawan feels about our society and behavior.
Not intended to hurt anyone by my words.

हाँ, अगर मैं रावण हूँ तो तुम अपना नाम सोच लो,
मैं बुराई का प्रतीक हूँ तो तुम अपनी पहचान सोच लो,
सदियों से मेरा अंत करने की कोशिश करते आये हो हर साल,
मुझे एक ही बार खत्म करने का कोई super plan सोच लो.
अगर मैं रावण.........

मैंने तो सिर्फ एक पर-स्त्री को देखा है, अपनी इन 20 eye से,
तुमने तो न जाने कितनो पर नज़र रखा है, Internet और WiFi से,
कर्म अगर मैंने बुरे किये है किसी को सिर्फ अपने घर में सुरक्षित रखकर,
तो rape करने के बाद भी मुझे गलत कहने वाले अपना काम सोच लो.
अगर मैं रावण.......

मेरे परिवार वाले मेरे मरने का दुख नही करते, इंतेज़ार करते है अगले साल का,
बीमा कंपनियों से परेशान हो गया हूँ, आफर देते है मुझे दोगुना माल का,
मेरे हर बार दहन होने का मतलब शायद तुम लोग कभी समझ ही नही पाओगे,
नज़रअंदाज करना हो तो मेरा आना बस मेरा इन्तेक़ाम सोच लो.
अगर मैं रावण........

मैं बुराई हूँ जिसे तुम कभी खत्म नही कर सकते, कभी मार नही सकते,
खुद को खत्म करना पड़ेगा इसके लिए, जो तुम कभी स्वीकार नही सकते,
हमने औरत को पर्दे में रखा तो उसकी मर्यादा कम नही हुई थी कभी,
स्त्री-पुरुष में समानता को तुम अपनी हवस का जरिया सरेआम सोच लो.
अगर मैं रावण........

तुम राम बनते फिरते हो समाज के सामने, news में और media में,
हाँ तुम्हारे नाम का एक page होगा भले ही, search इंजन Wikipedia में,
जिस राम ने मुझे मारा था वो अब कही दिखता नही है, कभी भी,
अपने आप को तो तुम बस एक मौका परस्त इंसान सोच लो.
अगर मैं रावण........

मैं असुर कुल से था इसका मुझे दुख था उस जमाने में, जब राम था,
पूरे ब्रह्मांड पर शासन करने का एक लक्ष्य था हमारा, यही एक काम था,
तुम ना शासन करना चाहते हो ना करने देना चाहते हो किसी को,
अब अगर असुरों से कही ज़्यादा गिरे हुए कोई है तो वो लालची इंसान सोच लो.
अगर मैं रावण........

बेवजह हर बार कुछ मूर्तियां, कुछ पुतले, कुछ रुपये जलाते हो,
आगजनी, भगदड़, आतिशबाजी में न जाने कितनो को रुलाते हो,
ये मेरी मृत्यु का नंगा नाच जो समझते हो आब तक तो सुनो,
इसे अपनी कुछ देर की खुशी के खातिर लोगो का परवान सोच लो.
अगर मैं रावण........

तुम्हारे भीतर की बुराई ने मुझे जिंदा रखा है आज भी,
इस बात को ठुकरा नही सकता तुम्हारा आदर्श समाज भी,
अगर ला सको राम राज्य फिर से तो आदर्श भारतवासी हो तुम,
और उस दिन को अपनी बदली हुई सोच का अंजाम सोच लो.
अगर मैं रावण........
.......................................................................................................
check out my profile by clicking here.
follow me on twitter, instagram, facebook, google+ by clicking on them.

Saturday, 13 October 2018

Trust..!!!! What is this????

A WhatsApp Chat screenshot between me and the one, who made me write this poem.

जब तुमने कर दिया तो लगा तुम कर सकते थे,
जब तुम करने वाले थे तो लगा तुम कर लोगे
तुम्हारे साथ रहकर इतना समझने लगा हूँ,
कि कहां कहां किन कामों में साथ मेरा तुम दोगे
____________________________________
तुम वो हमेशा कर लेते हो जो तुम करना चाहते हो,
मुझे पता है अपनी कहानी के तुम अच्छे नायक हो,
तुम्हारे काम को तुमसे बेहतर कोई नही कर सकता,
फिर भी मुझे नही लगता तुम भरोसे के लायक हो
____________________________________
तुमसे जब से मिले है हम, तुम अच्छे लगे हो,
कुछ अच्छे पल मेरे साथ ज़रूर बिता लेते हो,
तुम्हारा बर्ताव भी ठीक ठाक ही है मेरे सामने,
तुम्हारी कमियां तुम अच्छी तरह छिपा लेते हो
____________________________________
तुम्हे भीतर तक समझने का मौका नही मिला कभी,
मैं जौहरी नही जिसे परख करना आता हो हीरों की,
काफी बढ़िया से खुद को पेश करते हो मेरे सामने,
तुम अनुभवी सरदार जान पड़ते हो सभी शातिरों की
____________________________________
तुम वो हो नही जो मुझे लगता है की तुम हो,
तुम कुछ और ही हो मेरे आंखों से ओझल होकर,
कैसे याद रखते हो खुद को किस तरह रखना है,
मेरे सामने मुझ जैसा, मेरे बाद थोड़े निर्मम होकर
____________________________________
लोगो ने कुछ इस तरह तोड़ा है उम्मीदों को मेरे,
मैं किसी पे भरोसा करने के कबिल नही हूँ अब
जब भी कोई अच्छा सा, अपना सा लगता है कभी,
दिमाग मेरा पूछता है दिल से, क्या मैं सही हूँ अब?
____________________________________
डर क्यों लगता है मुझे भरोसा करने से अब
मैंने पूछा खुद से कई बार कि क्या है भरोसा?
एक उम्मीद है जो बंधती नही, विश्वास है जो होता नही,
इस उल्फत में कई बार, खुद ही को मैंने है कोसा
____________________________________
की सब लोग क्यों नही हो सकते मुझ जैसे?
की क्यो पता नही चल जाता कौन धोखा करेगा?
कि क्यों नही बदल सकती प्रकृति हमारी?
क्या ये इसी तरह मुझे प्यार करने से रोका करेगा?
____________________________________
मैं अब तक नही समझा कि भरोसा क्या है,
कोई बड़ी ही कीमती चीज़ होगी, और बड़ी नाज़ुक भी
सुना है जहां भरोसा नही होता वहां प्यार कम हो जाता है,
और शायद भरोसा कर पाने की आरजू भी
____________________________________
मेरी कोशिश होगी तुमको सही समझने की,
नही पलने दूंगा मैं अपने भीतर शक कोई,
तुम कुछ पल के लिए ही सही हमसफर हो मेरे,
मुझे तकलीफ देने वाला हो बेशक कोई
____________________________________
जाओ, तुम्हे तुम्हारी दुनिया मुबारक,
मेरे दुनिया मे तो हमेशा प्यार ही पाओगे तुम,
मोहब्बत उतनी ही करेंगे जितनी कर सकेंगे,
जब कभी मेरे दिल की चौखट पर आओगे तुम
____________________________________
For my social media profiles, click on them respectively:-

Saturday, 25 August 2018

तो आओ, सुनी है मेरी कलाई

बंधन प्यार का, भाई बहन का नही.

अगर कोई वचन तो दूर दिलासा तक नहीं दे सकता तुम्हारी हिफाज़त का,
तो बांध दो मेरी कलाई पर राखी, इंतज़ार मत करो मेरी इजाजत का,
अगर कोई हाथ आगे नहीं आता की दे दे तुम्हें, थोड़े तोहफे तुम्हारी राखी की बंधाई,
तो आओ, बांध दो राखी मुझे और आशीष लेलों, कबसे तो सुनी है मेरी कलाई.
___________________________________________________________
इन बाजुओ ने तोहफे भर की कमाई नहीं की है, सिर्फ आशीर्वाद दे सकते है ये,
तुम्हारे चेहरे पे एक मुस्कान का इनाम तो सर-ए-आम दे सकते है ये,
भाई कोई अपना नहीं है तो क्या हुआ, क्या हिफाज़त के लिए ज़रूरी है एक भाई?
अगर तुम्हें ऐसा ही लगता है तो ये ही सही, आओ सुनी है मेरी कलाई.
___________________________________________________________
माँ पापा से हिफाज़त करती हो तुम मेरी, और तुम्हारी हिफाज़त हम करे?
अगर ये रिवाज है तो पूरा करो शौक से, हम बंधवा लेंगे ये भी अपनी आंखें नम करे,
भाई ने भी हिफाज़त करी है कई बार मेरी, तो ये रिवाज़ तुम्हारे लिये है मेरे भाई,
आओ आज सिर्फ रिवाजो को ही पूरा करते है, आज सुनी है मेरी कलाई.
____________________________________________________________
हिफाज़त तो बीवी को भी चाहिए, हिफाज़त माँ को भी चाहिए,
हिफाज़त अपनी बहन को ही क्यों, ये तो ज़माना को चाहिए,
हिफाज़त के लिए धागे बांधे सब तो, भगवान ने इतनी छोटी हाथ क्यों बनाई,
अगर कुछ लोगों को ही इसकी जरूरत है तो, आओ सुनी है मेरी कलाई.
____________________________________________________________
महंगे राखी बांधने वाली लड़कियाँ ज़्यादा सुरक्षित होती है,
या शायद हमारे राखी में बड़े लोगो के जितनी ताक़त नही होती है,
सस्ते तो हमेशा ही हार जाते है, जब होती है इनकी महंगे से लड़ाई,
पर एक उम्मीद कायम रखकर हर बार की तरह, सुनी है मेरी कलाई.
____________________________________________________________
क्या रक्षा हम उसी की करेंगे जो हमारी कलाई पर राखी बांधेगी?
जो हमारे थोड़े से पैसो को ठुकरा कर, हमसे कोई बड़ा सा तोहफा मांगेगी?
तो फिर देश की किसी भी माँ-बहन-बेटी को देश के रखवालों की याद नहीं आई?
इंतज़ार तो उन्हे भी है किसी प्यार, दुआ भरी राखी का, सुनी है उनकी कलाई.
I am sorry. I know I could be charge for copyright. But this is not for my publication. This is something about nation. People should be to think about this.

This image may subject to copyright. And I am sorry for this.

Wednesday, 15 August 2018

आजाद हो तुम.....

पूरी तरह आजाद हो तुम.....

__________________________________
तिरंगा झंडा खरीदा तो ज़रूर होगा तुमने?
मस्ती में लहराया भी होगा उस झंडे को.
अगर उसी झंडे को अगले साल भी लहरा दो आसमान में तो समझू
तुम आजाद हो इसकी रक्षा के लिए हमेशा.
--------------------
कभी खेतो में काम करते देखा है किसानों को?
कुछ तो आज भी लगे होंगे खाद-बीज डालने में.
कभी पानी पीने को पूछा हो उनसे या दिया हो अपने मन से तो जाने
तुम आजाद हो किसी को पानी पिलाने के लिए.
--------------------
कभी गए हो बिन बताये अपनी खुशियों की खोज में?
दोस्तों के साथ सिनेमा हॉल या और कहीं खेलने.
घर मे मां या पापा को बता के गए जाते हो तो समझूँ मैं,
तुम आजाद हो उनसे बात करने के लिए.
--------------------
कभी राखी बंधवाई ही होगी कलाई पर बहन से?
किसी अनजान से तो कभी मिलते भी नही होंगे तुम इस दिन.
किसी गैर लड़की को अपनी कलाई बढ़ाओ राखी बांधने के लिए तो जानू
तुम आजाद हो उसकी सच्ची हिफाजत करने के लिए.
------------------
अपने घर से कभी मेला में या सड़को पे तो ज़रूर गए होगे?
गाड़ियों की संख्या पे खूब झल्लाते होंगे तुम?
कभी बिना काम के गाड़ी चलाना बन्द कर दो तो समझे हम,
तुम पैदल चलने के लिए आजाद हो.
--------------------
नेताओं पे बहुत गुस्सा आता होगा न तुम्हें?
तुम तो बहुत कभी कभी अपने विचार भी देते होंगे देश के लिए?
कभी घर के मुद्दों पर साथ मे बात चीत की हो तो कहो,
तुम घरेलू मामलों में अपना विचार देने के लिए आजाद हो.
--------------------
तुम्हे मुबारक हो तुम्हारी एक्सपर्ट जैसी driving.
भगवान करे तुम्हे कभी कुछ भी नही हो.
लेकिन जिन्हें अचानक से संभालना नही आता उनके लिए ही सही,
तुम आराम सड़क नियमों का पालन करने के लिए आजाद हो.
--------------------
तुम्हें किसी ने नही कहा सजा मत दो,
लेकिन बिना अधिकार के सजा मत दो कभी.
अगर जिद है सजा देने की तो जाओ आज,
तुम अधिकार पाने के लिए कोशिश करने के लिए आजाद हो.
--------------------
ये नया नया पर शौक चढ़ा है ना तुम्हे प्रेम का?
कभी किसी से जबरदस्ती भी करी होगी?
अगर कभी किसी की इज्जत बचा दो और उसकी नज़रों में ऊंचे हो जाओ तो जाने हम,
किसी से प्यार पाने के लिए तुम आजाद हो.
--------------------
देश को अगर कभी तुम्हारी ज़रूरत होती है तो जाओ,
तुमने बहुत ज़्यादा मेहनत की तभी तो चुने गए हो?
लेकिन अब जितना कहा जाए उतना ही ठीक से कर दो तो जाने,
तुम ईमानदारी से duty करने के लिए आजाद हो.
_________________________________________
Click here for my facebook page.

Wednesday, 6 June 2018

हम single हैं, हमें single ही रहने दो..........

No copyrights reserve. The photo is downloaded from Google. I am sorry for that. But I had the only way.
मेरा तो एक ही फंडा है, लड़की को देखना और फिर नहीं देखना,
ये प्यार व्यार, ये आशिक़ी, ये दिल्लगी हमसे नहीं होती:
हमसे तो देखा भी नहीं जाता उन्हे अपनी ओर देखते हुए,
ये गुफ्तगू, ये इंतज़ार ये बंदगी हमसे नहीं होती।
हम जैसे है अपनी मर्जी से कम से कम जी तो रहे है.
हम जो है हमे वैसा ही रहने दो 
___________________________________
___________________________________

हाँ, हमने सुना है किसी से, कही पे, किसी दिन,
अब तो हर रोज़ सुनते है कोई कहता हुआ मिल ही जाता है हर कही:
की ये मोहब्बत जितनी जल्दी हो जाती है पता नहीं चलता,
पर मोहब्बत निभाने वालों की कमी है अभी भी।
कुछ तो टूट गए कुछ छुट गए इस भीड़ मे दुनिया की.
कुछ बच गए है उन्हे तो बचे रहने दो 
___________________________________
___________________________________
ये मोहब्बत निभा नहीं पाता तो मतलब ये नहीं की ये कर्ज है,
माँ-बाप भी खुश हो जाते है बेटे की खुशी मे:
यहाँ तो बंदी को गोलगप्पे से भी संतुष्टि नहीं मिलती
और बंदे की आधी से ज्यादा सैलरी जाती है उसी मे।
जो थोड़ी सी बचती है वो valentine और anniversary मनाते है.
किसी को तो घर के बारे मे सोचने दो
___________________________________
___________________________________
गंदे कमीज पहन कर जो ट्यूशन आते है हफ्ते मे चार दिन,
उन्हे हर डेट पे नई t-shirt पहन कर जाते देखा है:
उनके single दोस्तो से भी मिला जो उसको अपनी t-shirt देते है,
उसके नए नए मोहब्बत का मज़ाक उड़ाते देखा है।
हमसे नहीं हो पाएगी ये नौटंकी अब कभी भी.
हम खुश है इस बात से दुनिया वालों को जलने दो
____________________________________
____________________________________
कुछ लड़कियों को पसीने से allergy होती है,
make-up धुलने के खतरे को ही एलर्जि कहते है शायद:
उन लड़कियो को compliment देते हुए देखा है मेंने,
इसी चीज़ को कुछ लोग मोहब्बत कहते है शायद।
अगर ये मोहब्बत है तो फिर मैं single ही ठीक हूँ.
मुझे मेरे जैसा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________
मुझे एक लड़की अच्छी लगती है, इतना ज़रूर है मेरे साथ भी,
लेकिन इतना ही है की वो सिर्फ अच्छी लगती है:
उसके रूठने का खतरा नहीं रहता, उसके खर्चे की फिक्र नहीं मुझको,
वो प्यारी है बहुत, शायद  तभी अच्छी लगती है।
लेकिन मैं बस उसको देखता हूँ दूर से ही, बहुत दूर से.
उसको तो पता भी नहीं कोई उसको देखने वाला भी है।
मेंने अपनी कहानी मे इसी को मोहब्बत का नाम दे रखा है,
अगर ये एक तरफा है तो एक तरफा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________
मुझे क्या मिलेगा मोहब्बत को बदनाम करके, अपनी नजरों मे?
जो आज में करूंगा वो कोई स्वीकार नहीं करेगा:
लाएँगे न पापा मेरे लिए प्यार करने वाली, सबकी मर्ज़ी से,
फिर तो उम्मीद है कोई मेरे प्यार के बीच मे नहीं पड़ेगा।
करेंगे अपने हिस्से का मोहब्बत उसी एक से, उम्र भर.
तब तक के लिए भाई मुझे कुँवारा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________