Showing posts with label Balbandh. Show all posts
Showing posts with label Balbandh. Show all posts

Sunday, 13 January 2019

हम जननी कि गइल अन्हरिया, रात अँजोरिया आइल.

You can check out below audio, if get trouble while reading.
This is an awesome creation.
हम जननी कि गइल अन्हरिया, रात अँजोरिया आइल,
गोरा गईले गइल गुलामी, असल स्वराज भेटाईल,
हम जननी की गइल अन्हरिया, रात अँजोरिया आइल,

गांधी बाबा के जिनगी के गुन, गाँवे गाँवे गवाईल,
प्रजातंत्र के मंत्र फूँक के, मोटका खादर सियाईल,
सब चान्हाक नेता बन गईले, बुड़बक लोग पछुवाईल,
हम जननी........

रूस अमेरिका से कर्ज़ा लेके, कल कारखाना खोनाईल,
मंत्रीजी के साढ़ू-साला, साझेदार राखाईल,
असली माल अब मिलत नईखे, नकली बा महंगाईल,
असली ह कि नकली ई, चिन्हलो से ना चिन्हाईल,
आ हम जननी कि........

आई. ए., बी. ए., एम. ए. कईल, सब बेकार काहाईल-2,
जवना जवना आफिस में गईनी, sorry शब्द सुनाईल-2,
मंत्रीजी के बेटा नाती, उनके काम भेटाईल,
आ हम जननी कि.......
गोरा गईले गइल गुलामी......

rail में देखनी ठेलमठेल-2, कतना पाकिट मराईल-2,
पढ़वईया बिना ticket के चढले, अनपढ़ लोग धराइल,
TTE, guard बेचारा बनके, बोगी में चलस लुकाईल,
Chain-pull के बात जन पूछी, भैकम खूब कटाईल,
हम जननी........

बस में देखनीं कसम-कस-2, बोरा अस गांजाईल,
कुछ लोग बईठस छत के ऊपर, कुछ लोग पीछे टांगाइल,
जे कहलस कि भीड़ भईल बा, उल्टे उहे डाटाईल,
कंडक्टर आ खालासी के देखनीं, कुक्कुर अस बघुवाईल,
हम जननी.......

चोर चलत बा सीना तान के-2, साधु चलस लुकाईल-2,
सतवंती के रोवत देखनीं, बेश्या के मुस्काईल,
इज्जतदार के गुपचुप देखनीं, लंगवन के आफानाईल,
हम जननी........

सटल पैंट आ सटल टी-शर्ट-2, तेरे नाम बार कटाईल,
पढ़े लिखे में जीरो समझब, हीरो चाहस कहाईल,
फैशन में चूर passion लेके, रोड पे चलस अगाराईल,
केहू कहे कि लईका ह, केहू के लईकी बुझाईल,
लईका ह कि लईकी ई, बिजय से भी ना चिन्हाईल,
हम जननी..........
गोरा गईले गइले गुलामी......
हम जननी कि........
_________________________________________________________________________________
I can't ever think this great. Really, this is only my Papa, who can make this happen. I Love You Papa. I really want to be a little bit like you. And that day will be my greatest achievement.

For my social media profiles, click on them respectively:-

Thursday, 13 December 2018

Dear Future Wife...

किसी के future wife के लिए एक proposal और कुछ नहीं. इसे मेरे लिए मत समझ लेना 

Dear future wife,

     देखो ना, तुम्हारे लिए कितना मेहनत कर रहा हूँ. तुम्हारे पापा को चाहिए सरकारी नौकरी करने वाला दामाद. वही बनने की कोशिश कर रहा हूँ. ताकि तुम्हे खुश रख सकूं. बदले में तुम भी मेरे परिवार में शामिल हो जाना. तुम्हे तो पता ही है, आजकल नौकरी मिलना कितना मुश्किल है. मुझे भी कोई शौक नही है नौकरी करने का. पैसे कमाना हो तो कोई भी profession करके कमा लूंगा. जैसे किसी private sector में, या अपने skill को थोड़ा और develope करके. लेकिन तुम्हारे घरवाले ना, इतने से मानेंगे नहीं. उन्हें चाहिए सरकारी नौकरी करने वाला लड़का. बस वही बन जाऊं, तो तुम्हे भी अपने परिवार का हिस्सा बना सकूं.
     चलो हम कुछ बातें रखते है, अपने future को लेकर. चलो कुछ शर्त रखते है, जो हमारे खुशी से हुए arranged marriage वाले जीवन में लागू होंगी.
तुम सुबह देर तक सो सकती हो, अगर थकान या अजीब सा कुछ महसूस हो रहा हो तो. तुम bed पर मुझसे दो कप चाय की भी उम्मीद कर सकती हो, जो मैंने बनाई हो, साथ में सुड़कने के लिए. तुम मुझे अपना best friend बनने की उम्मीद कर सकती हो, जिसपे तुम भरोसा कर सको, जिसके साथ खुलेआम कुछ भी share कर सको. तुम मुझे एक helper समझ सकती हो, जो kitchen में तुम्हारी help करे ना करे, लेकिन तुम्हारा entertainment ज़रूर कर सकता है. तुम मुझसे अपने चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान की उम्मीद कर सकती हो.
     अगर तुम्हे पसंद है, तो छोटी छोटी बातों पर Love Fight की उम्मीद कर लेना मुझसे. अगर पसंद नही हो तो मुझे एक सलाह देने वाला समझ लेना. इसका ये मतलब नही की मैं बस सलाह देता हूँ. मुझे भी किसी की ज़रूरत होती है, कुछ decisions लेने में, वहां तुम मेरा साथ दे देना.
अगर कभी हम दोनों ये decide नही कर पाए कि सही कौन है, तो हम अपने और एक दूसरे के parents से सलाह ले सकते हैं.

     Dear Future Wife,

     तुम कभी अगर सजना-संवारना तो मेरे लिए, मेरी तारीफों के लिए नहीं. हाँ, कभी कभी मैं बढ़िया बोल देता हूँ तारीफ में, इसका ये मतलब नही कि तुम उसकी आदत डाल लो. हर बार शब्द ही नहीं होते है तारीफ करने के लिए, कभी कभी नज़रों को भी पढ़ना पड़ता है. और हाँ, मैं तुम्हारे सुंदर होने की उम्मीद नही करता, तुम्हारे अच्छे होने का उम्मीद करता हूँ. तुम कम से कम अच्छी होना.
     हर weekend पर movie या किसी trip पर ले जाऊं, ये शायद possible नही हो पायेगा मुझसे. पर तुम उम्मीद कर सकती हो उस दिन को मैं बाकी के दिनों से बेहतर कर दूंगा. हर anniversary पर gift की उम्मीद ज़रूर करना, लेकिन वो expensive हो, ये उम्मीद मत करना. और हाँ, कभी कभी अगर भूल जाऊं तो याद दिला देना, रूठ मत जाना इसके लिए.
     घर के सदस्यों को उनके ओहदे के हिसाब से respect देने की उम्मीद मैं तुमसे करता हूँ, बाकी तुम खुद उतनीं समझदार होगी, ये मुझे पता है. भले मुझे ______ के पापा बोल के मत बुलाना, अगर अच्छा नही लगे तो. तुम मुझे आप बोल सकती हो, और कभी कभी तुम भी.
     मेरी हर शायरी में खुद के ज़िक्र को expect मत कर लेना, और मेरे कविता के लफ़्ज़ों को सच मत मान लेना. क्योंकि कविता में मैं वही लिखता हूँ जो लोगो को अच्छा लगे. और अच्छी लगने वाली बातें सच नही होती.
     तुम मुझपे शक कर लेना, अगर भरोसा कम पड़ने लगे तो. लेकिन शक को शक ही रहने देना, जब तक सच ना पता चले. और जब शक को यकीन में बदलने में ज़्यादा time लग जाए तो उसे भूल जाना.
     हमारे बच्चों को सिर्फ अपनी जिम्मेदारी समझने की गलती मत कर देना तुम.
     अगर घर में या रिस्तेदारों में से किसी की बात का बुरा लगे तो मैं तुमसे उम्मीद करता हूँ तुम मुझे सबकुछ सच सच बताओगी. बदले में तुम मुझसे एक सलाह या हल की उम्मीद कर लेना. अगर तुम्हे frankness पसंद है तो तुम किसी से बात कर सकती हो, अगर पसंद है तो serial भी देख लेना एक-आध.
     रोज instagram, facebook पर close-up भेजने की उम्मीद कुछ ज़्यादा मत करना मुझसे. लेकिन अगर memory ही बनानी हो तो मेरे stupid सी हरकतों को याद रख सकती हो, किसी diary में लिखकर.
     मैं गाना गा सकता हूँ, भले ही मेरी आवाज़ बेसुरी है. लेकिन नाचने की उम्मीद मत करना मुझसे. मैंने कभी अकेले में भी नही नाचा है, खुद के लिए भी नही. कविताओं के rhythm बनाने में मैं तुम्हारे help की उम्मीद करता हूँ, घर के कामो में तुम मेरे help ले लिया करना.
     हर रोज मेरे call करने का इंतेज़ार मत करना, हर वक़्त मेरे free होने की उम्मीद मत करना. लेकिन तुम भरोसा कर सकती हो कि मैं किसी भी गलत या बुरे काम में ना तो मौजूद रहूंगा, और ना ही किसी का साथ दूंगा.

Dear Future Wife,

     मुझे पता है कि तुम कही ना कही मेरे परिवार का हिस्सा बनने के लिए थोड़ा और Mature हो रही हो. कोई बात नहीं. मुझे तुम्हारे signal की ज़रूरत नहीं है. मैं भी तुम्हारे लिए struggle कर रहा हूँ. जैसे ही मेरी struggle कम हो जाए, मैं परिवार वालों, रिस्तेदारों, दोस्तो और गांव वालो को लेकर तुम्हे लेने के लिए आऊंगा. I am sorry कि तुमको कुछ दिन wait करना पड़ रहा है.
     वैसे तो और भी बहुत कुछ है, लेकिन आखिर में एक सवाल:-
     क्या तुम अपनी परेशानियां, अपने सुख, अपनी यादें, अपने smile, अपनी हंसी, अपने feelings, अपने अनुभव, अपनी जिम्मेदारियां, अपनी थकान, अपनी इच्छाएं और भी बहुत कुछ मेरे साथ share करते हुए मेरा साथ पाना चाहोगी?




For my social media profiles, click on them respectively:-
Click on above links. Tum badal gye ho bahut.



Tuesday, 23 October 2018

मुझे एक ही बार क्यो नही जला देते हमेशा के लिए






तंग आ गया हूँ अब मैं भी तिल तिल कर मरने से,
रूह अब भी कांप जाती है कुछ भी गलत करने से,
हर साल थोड़ा थोड़ा करके मरना पड़ता है मुझे,
क्या रखना चाहते हो अगली बार के कलेशा {कलह} के लिए,
मुझे एक ही बार क्यो नही जला देते हमेशा के लिए.
.......................................................................................................
मुझे रूप बदलना पड़ता था अपने काम के लिए,
तुम रंग बदलते रहते हो थोड़े से नाम के लिए,
एक ही चेहरे के पीछे जब तुम्हारे इतने रूप देखता हूँ,
क्या तुमने भी तप किया था महेश के लिए 
मुझे एक ही बार क्यो नही जला देते हमेशा के लिए.
.......................................................................................................
मुझे असुर कहने वाले तुम खुद एक जिहादी हो,
रेपिस्ट, देशद्रोही, विश्वासघाती तुम आतंकवादी हो,
मुझे गलत कहने वाले तुम तो अपनो के भी अपने नही,
किसी हद तक गिरोगे दुनिया के तमाशा के लिए,
मुझे एक ही बार क्यो नही जला देते हमेशा के लिए.
.......................................................................................................
मुझे मार कर जो बटोरते हो थोड़े से खुशी तुम,
क्यो भूल जाते हो उसी में औरो की मयूषी तुम,
कितनो रुपये तुमने जला दिए आतिशबाजी में,
करते हो ये अगले दिन किसी बुरे संदेशा के लिए,
मुझे एक ही बार क्यो नही जला देते हमेशा के लिए.
.......................................................................................................
अगर मैं प्रतीक हूँ बुराई का तो खत्म कर दो मुझे,
लाख बुराईयां तेरी क्या कभी नही दिखती तुझे,
मैंने नियम तोड़ा, तुम नियम बदल देते हो अपने हिसाब से,
कितने बदल लिए हो खुद को थोड़े पैसा के लिए,
मुझे एक ही बार क्यों नही जला देते हमेशा के लिए.
.......................................................................................................
मैंने गलती की तो मैं दुराचारी, दुष्ट, पापी रावण हो गया,
हदें पार करके गलतियों की तुम्हारा हृदय पावन हो गया,
छल कपट तो जैसे विरासत में मिल गए हो तुम्हे,
राम बने फिरते हो WhatsApp, Facebook, Insta के लिए,
मुझे एक ही बार क्यों नही जला देते हमेशा के लिए.
.........................................................................................................
Check out my profile and follow it on the link given respectively.
For Facebook- Click Here.
For Twitter- Click Here.
For Instagram- Click Here.
For Google+ - Click Here.
Keep visiting my blog for more interesting posts and creations in many field, like art and literature.
Thanks.

Saturday, 13 October 2018

Trust..!!!! What is this????

A WhatsApp Chat screenshot between me and the one, who made me write this poem.

जब तुमने कर दिया तो लगा तुम कर सकते थे,
जब तुम करने वाले थे तो लगा तुम कर लोगे
तुम्हारे साथ रहकर इतना समझने लगा हूँ,
कि कहां कहां किन कामों में साथ मेरा तुम दोगे
____________________________________
तुम वो हमेशा कर लेते हो जो तुम करना चाहते हो,
मुझे पता है अपनी कहानी के तुम अच्छे नायक हो,
तुम्हारे काम को तुमसे बेहतर कोई नही कर सकता,
फिर भी मुझे नही लगता तुम भरोसे के लायक हो
____________________________________
तुमसे जब से मिले है हम, तुम अच्छे लगे हो,
कुछ अच्छे पल मेरे साथ ज़रूर बिता लेते हो,
तुम्हारा बर्ताव भी ठीक ठाक ही है मेरे सामने,
तुम्हारी कमियां तुम अच्छी तरह छिपा लेते हो
____________________________________
तुम्हे भीतर तक समझने का मौका नही मिला कभी,
मैं जौहरी नही जिसे परख करना आता हो हीरों की,
काफी बढ़िया से खुद को पेश करते हो मेरे सामने,
तुम अनुभवी सरदार जान पड़ते हो सभी शातिरों की
____________________________________
तुम वो हो नही जो मुझे लगता है की तुम हो,
तुम कुछ और ही हो मेरे आंखों से ओझल होकर,
कैसे याद रखते हो खुद को किस तरह रखना है,
मेरे सामने मुझ जैसा, मेरे बाद थोड़े निर्मम होकर
____________________________________
लोगो ने कुछ इस तरह तोड़ा है उम्मीदों को मेरे,
मैं किसी पे भरोसा करने के कबिल नही हूँ अब
जब भी कोई अच्छा सा, अपना सा लगता है कभी,
दिमाग मेरा पूछता है दिल से, क्या मैं सही हूँ अब?
____________________________________
डर क्यों लगता है मुझे भरोसा करने से अब
मैंने पूछा खुद से कई बार कि क्या है भरोसा?
एक उम्मीद है जो बंधती नही, विश्वास है जो होता नही,
इस उल्फत में कई बार, खुद ही को मैंने है कोसा
____________________________________
की सब लोग क्यों नही हो सकते मुझ जैसे?
की क्यो पता नही चल जाता कौन धोखा करेगा?
कि क्यों नही बदल सकती प्रकृति हमारी?
क्या ये इसी तरह मुझे प्यार करने से रोका करेगा?
____________________________________
मैं अब तक नही समझा कि भरोसा क्या है,
कोई बड़ी ही कीमती चीज़ होगी, और बड़ी नाज़ुक भी
सुना है जहां भरोसा नही होता वहां प्यार कम हो जाता है,
और शायद भरोसा कर पाने की आरजू भी
____________________________________
मेरी कोशिश होगी तुमको सही समझने की,
नही पलने दूंगा मैं अपने भीतर शक कोई,
तुम कुछ पल के लिए ही सही हमसफर हो मेरे,
मुझे तकलीफ देने वाला हो बेशक कोई
____________________________________
जाओ, तुम्हे तुम्हारी दुनिया मुबारक,
मेरे दुनिया मे तो हमेशा प्यार ही पाओगे तुम,
मोहब्बत उतनी ही करेंगे जितनी कर सकेंगे,
जब कभी मेरे दिल की चौखट पर आओगे तुम
____________________________________
For my social media profiles, click on them respectively:-

Wednesday, 15 August 2018

आजाद हो तुम.....

पूरी तरह आजाद हो तुम.....

__________________________________
तिरंगा झंडा खरीदा तो ज़रूर होगा तुमने?
मस्ती में लहराया भी होगा उस झंडे को.
अगर उसी झंडे को अगले साल भी लहरा दो आसमान में तो समझू
तुम आजाद हो इसकी रक्षा के लिए हमेशा.
--------------------
कभी खेतो में काम करते देखा है किसानों को?
कुछ तो आज भी लगे होंगे खाद-बीज डालने में.
कभी पानी पीने को पूछा हो उनसे या दिया हो अपने मन से तो जाने
तुम आजाद हो किसी को पानी पिलाने के लिए.
--------------------
कभी गए हो बिन बताये अपनी खुशियों की खोज में?
दोस्तों के साथ सिनेमा हॉल या और कहीं खेलने.
घर मे मां या पापा को बता के गए जाते हो तो समझूँ मैं,
तुम आजाद हो उनसे बात करने के लिए.
--------------------
कभी राखी बंधवाई ही होगी कलाई पर बहन से?
किसी अनजान से तो कभी मिलते भी नही होंगे तुम इस दिन.
किसी गैर लड़की को अपनी कलाई बढ़ाओ राखी बांधने के लिए तो जानू
तुम आजाद हो उसकी सच्ची हिफाजत करने के लिए.
------------------
अपने घर से कभी मेला में या सड़को पे तो ज़रूर गए होगे?
गाड़ियों की संख्या पे खूब झल्लाते होंगे तुम?
कभी बिना काम के गाड़ी चलाना बन्द कर दो तो समझे हम,
तुम पैदल चलने के लिए आजाद हो.
--------------------
नेताओं पे बहुत गुस्सा आता होगा न तुम्हें?
तुम तो बहुत कभी कभी अपने विचार भी देते होंगे देश के लिए?
कभी घर के मुद्दों पर साथ मे बात चीत की हो तो कहो,
तुम घरेलू मामलों में अपना विचार देने के लिए आजाद हो.
--------------------
तुम्हे मुबारक हो तुम्हारी एक्सपर्ट जैसी driving.
भगवान करे तुम्हे कभी कुछ भी नही हो.
लेकिन जिन्हें अचानक से संभालना नही आता उनके लिए ही सही,
तुम आराम सड़क नियमों का पालन करने के लिए आजाद हो.
--------------------
तुम्हें किसी ने नही कहा सजा मत दो,
लेकिन बिना अधिकार के सजा मत दो कभी.
अगर जिद है सजा देने की तो जाओ आज,
तुम अधिकार पाने के लिए कोशिश करने के लिए आजाद हो.
--------------------
ये नया नया पर शौक चढ़ा है ना तुम्हे प्रेम का?
कभी किसी से जबरदस्ती भी करी होगी?
अगर कभी किसी की इज्जत बचा दो और उसकी नज़रों में ऊंचे हो जाओ तो जाने हम,
किसी से प्यार पाने के लिए तुम आजाद हो.
--------------------
देश को अगर कभी तुम्हारी ज़रूरत होती है तो जाओ,
तुमने बहुत ज़्यादा मेहनत की तभी तो चुने गए हो?
लेकिन अब जितना कहा जाए उतना ही ठीक से कर दो तो जाने,
तुम ईमानदारी से duty करने के लिए आजाद हो.
_________________________________________
Click here for my facebook page.

Wednesday, 6 June 2018

हम single हैं, हमें single ही रहने दो..........

No copyrights reserve. The photo is downloaded from Google. I am sorry for that. But I had the only way.
मेरा तो एक ही फंडा है, लड़की को देखना और फिर नहीं देखना,
ये प्यार व्यार, ये आशिक़ी, ये दिल्लगी हमसे नहीं होती:
हमसे तो देखा भी नहीं जाता उन्हे अपनी ओर देखते हुए,
ये गुफ्तगू, ये इंतज़ार ये बंदगी हमसे नहीं होती।
हम जैसे है अपनी मर्जी से कम से कम जी तो रहे है.
हम जो है हमे वैसा ही रहने दो 
___________________________________
___________________________________

हाँ, हमने सुना है किसी से, कही पे, किसी दिन,
अब तो हर रोज़ सुनते है कोई कहता हुआ मिल ही जाता है हर कही:
की ये मोहब्बत जितनी जल्दी हो जाती है पता नहीं चलता,
पर मोहब्बत निभाने वालों की कमी है अभी भी।
कुछ तो टूट गए कुछ छुट गए इस भीड़ मे दुनिया की.
कुछ बच गए है उन्हे तो बचे रहने दो 
___________________________________
___________________________________
ये मोहब्बत निभा नहीं पाता तो मतलब ये नहीं की ये कर्ज है,
माँ-बाप भी खुश हो जाते है बेटे की खुशी मे:
यहाँ तो बंदी को गोलगप्पे से भी संतुष्टि नहीं मिलती
और बंदे की आधी से ज्यादा सैलरी जाती है उसी मे।
जो थोड़ी सी बचती है वो valentine और anniversary मनाते है.
किसी को तो घर के बारे मे सोचने दो
___________________________________
___________________________________
गंदे कमीज पहन कर जो ट्यूशन आते है हफ्ते मे चार दिन,
उन्हे हर डेट पे नई t-shirt पहन कर जाते देखा है:
उनके single दोस्तो से भी मिला जो उसको अपनी t-shirt देते है,
उसके नए नए मोहब्बत का मज़ाक उड़ाते देखा है।
हमसे नहीं हो पाएगी ये नौटंकी अब कभी भी.
हम खुश है इस बात से दुनिया वालों को जलने दो
____________________________________
____________________________________
कुछ लड़कियों को पसीने से allergy होती है,
make-up धुलने के खतरे को ही एलर्जि कहते है शायद:
उन लड़कियो को compliment देते हुए देखा है मेंने,
इसी चीज़ को कुछ लोग मोहब्बत कहते है शायद।
अगर ये मोहब्बत है तो फिर मैं single ही ठीक हूँ.
मुझे मेरे जैसा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________
मुझे एक लड़की अच्छी लगती है, इतना ज़रूर है मेरे साथ भी,
लेकिन इतना ही है की वो सिर्फ अच्छी लगती है:
उसके रूठने का खतरा नहीं रहता, उसके खर्चे की फिक्र नहीं मुझको,
वो प्यारी है बहुत, शायद  तभी अच्छी लगती है।
लेकिन मैं बस उसको देखता हूँ दूर से ही, बहुत दूर से.
उसको तो पता भी नहीं कोई उसको देखने वाला भी है।
मेंने अपनी कहानी मे इसी को मोहब्बत का नाम दे रखा है,
अगर ये एक तरफा है तो एक तरफा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________
मुझे क्या मिलेगा मोहब्बत को बदनाम करके, अपनी नजरों मे?
जो आज में करूंगा वो कोई स्वीकार नहीं करेगा:
लाएँगे न पापा मेरे लिए प्यार करने वाली, सबकी मर्ज़ी से,
फिर तो उम्मीद है कोई मेरे प्यार के बीच मे नहीं पड़ेगा।
करेंगे अपने हिस्से का मोहब्बत उसी एक से, उम्र भर.
तब तक के लिए भाई मुझे कुँवारा ही रहने दो
____________________________________
____________________________________

Tuesday, 3 April 2018

Better out of two, Phone and Chat......


Better out of two: Phone call v/s Chatting



No Phone Call Chatting
01. We can't say him/her our internals. and if by mistake it is told, we somehow have to change the topic. We have so much time to type and erase our internals. Typing our feelings that we always wanted to tell and just erasing them is awesome feeling in itself.
02. No more time to think what to say next. Having so much time to think what to talk about next. It let us think what is proper and pleasant for him/her that couldn't hurt him/her.
03. No wait for his/her reply. Because it's a phone call. Waiting for his/her reply is most exciting feeling.
04. Quick reply after your query. Her typing duration let us guess about her reply. We guess about her/his reply of our query, what would be next in her text.
05. Just words.... Sending smilies, which best express our feelings.
06. Frankness, because we don't have such times to think about what to speak. No Frankness, because we have so much time. So this let us create some cute convo and cute words this let us think while typing. And partner is not hurt by them.
07. Partner can guess our condition by our voice and way to talk. There is no chance of it while chat.
08. If people around us see us talking to our partner over phone, they can talk about bad about you, putting some relation between you two. There is not always a chat on phone, when our display is on. It may be a movie, a song, social media news feed, or something else.
09. Convo ends with Good Night. Seeing your partner still online later after saying you Good Night is another feeling.
10. Direct hear them. Imagination of her reply in her voice and her words is such.......
No feeling is here can beat this one feeling.

Visit me on my social media handles, for more about my creations.
Social Media पर Follow करो,
Kalamwali
Subscribe on my YouTube Channel

Monday, 5 March 2018

मेरी हाथ मे वो आखिरी सिगरेट........

सिगरेट से मेरी बातचीत........... Read it out, read it loud. Credit of everything goes to Shashikant Sharma just hit on my page link here.:- https://www.facebook.com/authorShashikantSharma कल एक आदमी ने मुझे कह दिया सिगरेट खरीद कर लाने के लिए. मुझे थोड़ा सा अजीब जैसा लगा. लेकिन क्या करता, आखिर सब लोग मुझे सरीफ समझते है और मुझपर भरोसा करते है. उनका भरोसा भी तो नहीं तोड़ सकता. गया, जैसे तैसे. खरीद भी लिया, सिगरेट. सिर्फ एक ही लेनी थी. उस आदमी को भी बहुत ज्यादा बेचैनी थी. तभी तो, जब मैंने मना किया लाने से तो भी उसने मुझे जबर्दस्ती भेजा.
खैर..... अब मैं सिगरेट लेकर दुकान से निकल चूका था. मैंने एक पैनी निगाह से अपने बाएं हाथ में पड़े उस सिगरेट की तरफ देखा. जी किया मसल के रख दूँ साले को. लेकिन नहीं. अपने पैसे का ख़रीदा हुआ नहीं था. इसलिए ये नहीं कर सकता था. वरना एक दूसरा खरीद कर फिर से ले जाना पड़ता. मैंने एक तिरछी नज़र से अपने बाएं हाथ में पड़े निर्लज्ज सिगरेट की तरफ देखा. उसने भी मेरी तरफ देखा. मैंने सोचा चलो, इसे ignore करता हूँ, लेकिन नहीं, बचना भी पॉसिबल नहीं है.
घूर क्यों रहे हो? - उसने पूछा.
तो और क्या करें? तुम्हारी आरती करें?- मैंने गुस्से से कहा.
गुस्सा नहीं करते. तुम्हे मेरी कीमत नहीं पता.- उसने कहा.
गरीबो के लिए दो रूपया. इससे भी ज़्यादा होगा अमीरों के लिए. लेकिन उससे मुझे नहीं मतलब?- मैंने कहा.
दो रुपये वाले से मतलब है?- उसने पूछा.
मेरी हाथ में आया हुआ तू आखिरी सिगरेट होगा.- मैंने कहा.
सौ सौ की रही शर्त?- उसने कहा.
मैं हर उस सख्स से शर्त नहीं लगाता जिसके कल का कोई पता न हो.- मैंने कहा.
hello, लोग जब मुझे जलाते है न, तो उन्हें मेरे लाल जलते हुए भाग में उम्मीद की किरण दिखाई देती है.- उसने कहा.
हाँ, जो जलने वाले के पास आती रहती है, सिमटती हुई, बेबस- लाचार औरत की तरह. मुझे ऐसी उम्मीद नहीं चाहिए.- मैंने कहा.
तो क्या हुआ अगर वो सिमट जाता है. आजतक सपने किसके सच हुए है?- उसने पूछा.
ये बात भी सही है की सपने सच नहीं होते. तो मैं सपने ही नहीं देखूंगा. लेकिन सिमटती हुई उम्मीद मुझे पसंद नहीं.- मैंने कहा.
लोगो को सुकून मिलता है इससे.- उसने कहा.
और तुम्हे?- मैंने पूछ लिया.
मतलब?- उसने पूछा.
तुम्हे एक दर्दनाक मौत मिलती है. है न? उम्मीद की किरण जब सिमटती हुई इंसान के करीब आ जाती है तो उसे लगता है कि वो गलती कर रहा है. फिर वो उसे या तो फेंकता है या फिर अपने ही पैरों से कुचल देता है.- मैंने कहा.
सीखो मुझसे, दुसरो के लिए त्याग करना.- उसने कहा.
तुम इसी के लिए बने हो. लेकिन कैसा रहेगा अगर तुम भी सही सलामत किसी show पीस की तरह बस सामने दीखते रहो और कोई तुम्हे छुए भी नहीं? तुम भी बचे रहोगे.- मैंने पूछा.
हमें कुर्बान होना अच्छा लगता है. - उसने कहा.
हम तारीफ करते है. लेकिन उस क़ुरबानी का क्या जिसके बाद कुछ बदले ही न?- मैंने पूछा.
मतलब?- उसने पूछा.
तुम्हारे जाने के बाद आदमी किसी और को use करता है और फिर छोड़ देता है,. फिर तीसरे को, फिर चौथे को. क्या मतलब है इसका? क्या फायदा है इस क़ुरबानी का? फिर रहने देते है न इस क़ुरबानी को. क्या ज़रूरत है इसकी?- मैंने पूछा.
मुझसे लोगों की ज़रूरत पूरी होती है.- उसने कहा,
कभी कभी लोग मुझे पाने के लिए बेताब हो जाते है.
मैंने देखा. वरना आज तू मेरे हाथ में नहीं होता.- मैंने कहा.
इसके पीछे कोई comment नहीं?- उसने पूछा.
एक तू ही नहीं है उनकी ज़रूरत पूरी करने वाला. तुम्हारे जैसे कई और है. तुम्हारे बाद भी उनकी ज़रूरत खत्म नहीं हो जायेगी. उनकी ये ज़रूरत कभी खत्म नहीं होगी. हमेशा ये बनी रहेगी. और हमेशा ये तुम जैसे कईयों को जलाते रहेंगे.- मैंने कहा.
मेरी धुंआ लोगो के दिल तक पहुँचती है.- उसने कहा.
तो खुश क्यों हो?- मैंने पूछा.
मुझे सुकून मिलता है जब मैं आशिको को उनकी महबूबा की कमी महसूस नहीं होने देता.- उसने कहा.
मतलब? मैंने पूछा.
जिन्हें प्यार में धोखा मिलता है न वो अपने दिल में अपनी महबूबा की जगह मुझे रखते है. मेरे धुंए को रखते है.- उसने कहा.
सही कहा. कोने कोने में तुम तो बैठ जाते हो उनके दिल के. धुंआ जो हो. है की नहीं?- मैंने पूछा.
हाँ.- उसने कहा.
और इसके बारे में क्या, जो तुम खून की साफ सफाई में रुकावट डालते हो?- मैंने पूछा,
यार, दोस्त की तरह साथ रहो तो बढ़िया लगेगा. लेकिन तुम तो यार मतलब हद करते हो. शरीर के काम में, खून की साफ सफाई में रुकावट डालते हो. 
तो इसमें हम क्या करें?- उसने पूछा.
सही है. इसमें तुम क्या कर सकते हो. तुम तो बस दिल में घुसकर हर जगह अपना कब्ज़ा जमाओगे. और तो और साला कार्बन वाले गुण के कारण साला तुम ठीक से खत्म भी नहीं हो सकते अगर एक बार भीतर चले गये तो.- मैंने कहा.
मुझे इतनी बड़ी बड़ी बातें समझ में नहीं आती. मुझे बस इतना आता है कि मेरी वजह से suicide कम हो रहे है.- उसने कहा.
बहुत बढ़िया रक्षक का काम कर रहे हो भैया. लेकिन साला सबकी गालियाँ सुनकर, धीरे धीरे दवाई की गोलियां खाकर, हजार रोग लेकर मरने से बढ़िया है कि suicide ही कर लें.- मैंने कहा.
हद है यार, मतलब अगर तुम्हारा बस चले तो तुम तो आदमी को जीने ही नहीं दोगे?- उसने कहा.
tension लेकर जीना है तो मर जाओ साला. उससे बढ़िया कुछ नहीं है अभी.- मैंने कहा.
तो यार ये जाकर फैक्टिरियो में समझाओ न?- उसने कहा.
पहले 500-1000 का नोट लोगो ने लेना बंद किया तब जाली कंपनियों ने जाली नोट बनाने बंद किये थे.- मैंने कहा.
मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता. तुमने जितना कहा मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया.- उसने कहा.
तो ठीक है. मैंने कहा और मैंने भी उसकी ओर देखना बंद कर दिया. ..............................................................................................................................................................................................................
क्या हुआ बेटा? मेरा सिगरेट कहाँ है?- उन्होंने पूछा.
uncle ये आपके पैसे?- मैंने उन्हें अपने जेब से निकल कर 5 रुपये का सिक्का दिया.
लेकिन मैंने तो सिर्फ दो रुपये का सिक्का दिया था?- उन्होंने कहा.
हाँ अंकल लेकिन....- मैं उन्हें बताना चाहता था कि मैंने वो सिगरेट फेंक दी. लेकिन इसके पहले की मैं उन्हें कुछ बता पाता, वो खुद ही बोल पड़े.
कोई बात नहीं, मुझे अच्छा लगा कि तुमने मेरे पैसे से सिगरेट खरीद कर पि ली. अब से हम दोनों सिगरेट वाले पार्टनर रहेंगे.- उन्होंने कहा.
नहीं- मैं जोड़ से चिल्लाया. ________________________________________________________________________________________________________________________
और इसके साथ ही मैं अपने सपने से बाहर आया. वो बोले- अगर नहीं लाना है तो सीधा बोल दे, चिल्ला क्यों रहा है? .. .. .. for more, visit to the upper link or follow me on https://www.facebook.com/shashiks777

Friday, 26 January 2018

Speech about 26th January, THE REPUBLIC DAY.


Dear countrymen, This is Shashikant Sharma. I am a student and think I am a patriot. On this day, 69th Republic Day, I would like to share my thoughts with you. India has been a glorious country in the world. This has glory in every field. This is know for his great works and innovations. India, as I have learnt in its history, is a kind country and spreads the lesson of Peace and Happiness. I am not going to tell a name of Indian who are Ideal for we youngsters. yes, I am not going to tell a name. I am going to ask you. Can you tell me a name by which, the reputation of India was got down in the best reputed countries of the world? You can't tell a single name. You know why, because India has a single ideal sentence, to give,,.... and to give. and do you know what to give? Its happiness, its love, its happiness, its help, its our happy moments, its our time for the best, its value to its real owner. I am here, not to tell a single complaint about Pakistan and China and South Korea. Yes, they are doing what they think is right. You have to do, what is right for us, for our countrymen, for our society and for our nation and its reputation. I know they are not going right. But what, are we going right. They are planning and working to kill their enemies. We are planning to kill our neighbor. We are killing to the people who is living in the same society, in which we live. Yes, please don't mind. I am sorry for this paragraph. But I can't stop myself writing this. Before this, I have never been to write any column about India. But I could not stop myself today. I saw the behave of some people yesterday, on 25th January 2018, against the release of PADMAVAT movie. I salute Rajputas for their brave and for their courage and for leading India to the stage, where we can say proudly that we are free. We can live according to ourselves and we are no more a servant or slaves. But the problem is if you are that brave, and the movie is telling and appreciating your bravery, then what is wrong with the movie you are not going to let it be released. This movie, as they are telling me, has pride for rajputana's. And the Rajputana's are against movie release. Ok, I agree to you. You don't want to watch the movie. But let others do this. Let others watch it. Why you are making a scene and why you create fear in others heart. Why you are showing your power on weak and unable. What is this. Is this, remained your bravery? Is this, what you should be proud about? Is this what made a glorious point about Rajputana's history. I don't think this is. You are throwing stones on school buses, you are resisting traffic control. You are frightening people and preventing them to watch the movie. You are abusing Sanjay Lila Bhansali. I don't think this is your culture, which you are giving example in your every sentences. No, this never has been. Yes, if a little of your bravery has remained, please be selected in defense and answer your enemies. Go and kill some intrusion if it effect you. If you can't, please protect girls in our country. This is not possible. Yes, you can't do this. You can only get some publicity on these stuffs topics. You can cry in front of camera and you can frighten people. You can put a condition of emergency and you can create civil war. Protecting girls has been a big challenge. But this is not been seen to you. You are crying about Maa Padmavati. You are not seeing बहन स्वीटी, माँ शकुंतला, बहन शीला, बहन etc. You are not looking after them, You have no Idea about what is going badly with them. You can prevent people to watch the movie. You can't stop rapes. You can't stop dowry. You can't stop bribe. The thing you can do is, you can stop someone's food. You can disturb people's lives. You can make scenes. You can bother lives. You can do the wrongs and call it your culture. I don't think this is your culture. And if this is your culture, then you don't have right to call Pakistan wrong. You don't have. Is this your culture to throw stones on school bus. Is this your culture to bother people's lives? Someone's mom was going to a hospital by Government Bus. But you stop the bus and fire that. Is this, what you call it your culture? I also have learnt about our culture. And you were proud being that helpful. How and when did you get changed? I have already said sorry for this. And again this sorry word. But what. Why do you create this situation that others have to be sorry? Please stop this. If government has allowed the movie to be released, then why you are resisting. Why you are not with the supreme court? It means you are not with the constitution of India. It means this doesn't value for you. It means this is not valuable. And it means you would not be saluting to our national flag. It means you doesn't respect our nation. And it means you are no more a citizen of India. And this means your rights, that every citizen of India have, should be take back from you and you should be get out by this government. If you can't respect our constitution, our supreme court, our culture, our respected stuffs. Then obviously you have no right to be listened anywhere, even if this is your personal media channel or you are the owner. I would like to remind you. This would been the reason why we needed a constituted India. The civil war, the war between first time freedom and actual freedom, the war between individual and social would been the reason we needed a constitution. And today, we can proudly say that India has the largest constitution in the world. Please, save this sentence. Please save our proud. Please follow it. Please stop giving your individualism priority. We are social. We are different than animals. We are the intelligent living thing. Why we are behaving worst than an animal. You know what, my 35 above speeches are been delivered on many occasions and at many stages. My followers always had a complaint about my speeches. They always asked me why I write speeches for them about history. They always complaint me that I wrote speeches about the history of Republic Day, the Independence Day, the Gandhi Jayanti and etc. This was not the complain. The complain is why I delivered my speech about today. Why I speak about problems, about youngsters, about youth power, about anything. The complain is why I make this difference between their speeches and my speeches. And there is the only answer I have that They need to know the history. They should have to know how we get this stage of life. They need to know what is the value of nation anthem and national flags and nation. They need to know how it feels dying for the nation. They need to grow up their selves for the war against humanity and terrorism. And for this, I keep them reminding the value of martyrdom That's it. With these words, I would like to end this. But the war is not over. The war is continue every second between the pollution and our health. Now to see, who wins. जय भारत, जय भारत के लोग, जय शहादत की भावना से भरे वीर, और जय भारत के लिए जीने की भावना रखने वाले सच्चे नागरिक।