Showing posts with label Ishq. Show all posts
Showing posts with label Ishq. Show all posts

Friday, 5 June 2020

क्या वो इश्क़ नहीं था.........

Hardoi Wala Ishq

तुम्हें देख लेने के बाद जो होंठो पर मुस्कुराहट होती थी,
तुम्हें एकटक देखने पर दिल में जो घबराहट होती थी,
जहां से तुम चले जाते थे, वहीं पर तुम्हें देर तक निहारना,
इसे नादानी मत कह देना, भले ही वो मेरा पागलपना था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

याद तो तुम्हें भी हो गया था, मेरी खिड़की की बनावट,
हाँ भले ही तुम भूल गए होगे, मेरी दिवाली की सजावट,
मैंने देखा था तुम्हारे Desperation को, मुझे देखते वक़्त,
अपने खुदा से मैंने तुम्हारे लिए भी, कुछ तो ज़रूर कहा था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

तुम दिल के इतने करीब थे कि जैसे मानो मेरे पड़ोसी थे,
मेरे पहले-पहले पागलपन के लिए, सिर्फ तुम ही दोषी थे,
तुम्हें तो पता है न लड़कियों के Nature और Attitude का,
फिर भी मैंने तुम्हें अपना प्यार, जताने का प्रयास किया था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

Balcony कभी छत और कभी दरवाजे से दिख जाते थे,
हल्की बेचैनी सी होती थी जब, तुम नज़र नहीं आते थे,
तुम भी तो देखा करते थे मुझे, मोहब्बत की ही नज़रों से,
तो फिर तुमसे मोहब्बत करना, क्या मेरे लिए गुनाह था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

औरों से अलग लगता था, तुम्हारा मुझे देखने का तरीका,
लड़कों में मैंने नहीं देखा, लड़की के लिए इतना सलीका,
तुम्हारे इन्हीं सब बातों की मुझे आदत सी हो गयी थी,
तुम से मिलने के बाद मेरे लिए, सबकुछ नया-नया था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

मेरे लिए वो सबकुछ इश्क़ था, और मैंने तुम्हें ये जताया भी,
तुम भी मुझे उतना ही चाहते थे, ये आँखों से तुमने बताया भी,
अब ये मेरा डर कह लो, या मेरी Attitude जो मैंने बोला नहीं,
लेकिन जाते-जाते तुमने भी अपनी Feelings नहीं कहा था,
तुम बताओ तुम्हारे लिए, वो इश्क़ नहीं था तो क्या था,

Wednesday, 1 January 2020

One Sided Love........ Crush

Image downloaded from https://avatweet.com/games/crush
तुझे नज़र न लगे मेरे इश्क़ की, तो क्या हुआ अगर ये काजल नहीं है.


अरे सुनो, कहीं तुम गलती न कर देना मेरी मोहब्बत को समझने में,
ये खूबसूरत ज़रूर है उर्दू की तरह, लेकिन मुश्किल नहीं है,
तुझे संवारा है तेरे ख़ुदा ने वाक़ई बड़े बारीकी और बखूबी से,
फिर भी तेरा ये नूर चेहरा मेरे लिए दीदार के क़ाबिल नहीं है,

हाँ, वो खूबसूरत है लेकिन कितनी ये मैंने कभी देखा ही नहीं,
उसने मारा होगा अपने हुस्न से कईयों को पर वो कातिल नहीं है,
सुना था ये इश्क़ एक अथाह समंदर है, लोग कहते है ऐसा,
लेकिन मेरी मानो तो ऐसा नहीं है कि इसका साहिल नहीं है,

जो साहिल पर खड़े हैं उतरने को समंदर में तो लौट जाओ,
मुझे देखो कि इसमे उतर कर भी मुझे कुछ हासिल नहीं है,
कुछ लोग है, जो तुम्हारे दर्द सुनकर वाह वाह करते हैं,
भले तुम शायर हो पर ये सामने कोई महफिल नहीं है,

अगर वो सुन ले जो मैं उससे कहना चाहता हूँ बिना कहे,
तो क्या हुआ जो उससे कहना केवल मेरी मंज़िल नहीं है,
उसको अगर पसंद है खिलौनों से खेलना तो भी अच्छा है,
वो समझ ले ये बस एक खिलौना ही है, मेरा दिल नहीं है,

तुम कह लेना मुझे भी मोहब्बत उसके चेहरे से ही है,
पर मैंने देखा है उसके चेहरे पर एक भी तिल नहीं है,
अगर चेहरे से मोहब्बत होती तो उसकी तस्वीर मांग लेता,
रोज कहता हूँ खुद से- "सुन तू बुजदिल नहीं है."

इश्क़ करना सिखाया है तुमने अपनी दक्षिणा में दिल ले लो,
थोड़े बहुत ठोकरें लगी हैं इसे पर ये चोटिल नहीं है,
फ़ायदा उठाकर अपनी मासूमियत का इसे तोड़ भी देना,
समझना ये तुम्हारा खिलौना ही है, मेरा दिल नहीं है,

उसकी अंग्रेजी बातों का पलट कर हमने जवाब नहीं दिया,
थोड़ा नासमझ नादां ज़रूर है दिल पर ये जाहिल नहीं है,
आईने में खड़े शख़्स को बड़ी हंसी आई मुझपर एक दिन,
वो मेरा दर्द सुने बैठकर इतना बड़ा भी वो पागल नहीं है.